घर पर शादी · Timeline
शादी की तैयारी का टाइमलाइन: तारीख तय होने से विदाई के अगले दिन तक, कौन सा काम कब करें और क्या कब बुक करें (Shadi Ki Taiyari Timeline)

घर पर शादी हो तो सबसे बड़ी परेशानी यह नहीं होती कि काम ज़्यादा है, बल्कि यह कि सारा काम आख़िरी हफ़्ते में इकट्ठा हो जाता है। तारीख पक्की होते ही अगर काम सही क्रम में बंट जाए, तो शादी के दिन घर वाले मेहमानों के साथ होते हैं, फ़ोन पर भागते हुए नहीं। यह टाइमलाइन गांव और घर पर होने वाली शादी के हिसाब से है: किस काम का कब नंबर आता है, और क्या कब बुक करना चाहिए। लड़के और लड़की की शादी में काम थोड़ा अलग होता है; उसकी पूरी बात लड़के की शादी और लड़की की शादी वाली गाइड में है।
तारीख पक्की होते ही
ये काम सबसे पहले, क्योंकि सावे की तारीखें सबसे पहले भरती हैं:
- टेंट हाउस और हलवाई की बुकिंग: तारीख, जगह और अंदाज़न मेहमान बताकर तारीख पक्की कर लें। टेंट की बुकिंग के लिए कोई तय दिन नहीं, जितनी जल्दी उतना अच्छा
- घोड़ी-बग्गी और DJ (लड़के की शादी): घुड़चढ़ी की तारीख और समय के साथ
- जगह तय करें: आंगन, गली, छत या पास का प्लॉट; प्लॉट हो तो मालिक की इजाज़त अभी ले लें
- बजट का मोटा खाका: टेंट-सजावट, खाना, कपड़े-गहने, बाकी खर्च; टेंट वाले को बजट बता दें, तो वह उसी में सामान तय करता है
एडवांस की चिंता न करें: भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा में बुकिंग कैंसल हो तो एडवांस उसी दिन पूरा वापस मिलता है।
एक-डेढ़ महीना पहले
- मेहमानों की पहली लिस्ट: हर फंक्शन के लिए अलग अंदाज़ा, क्योंकि भात, शादी और बहू-भोज में गिनती अलग होती है
- फंक्शन की लिस्ट और दिन: रोका-सगाई, भात, हल्दी-मेहंदी, घुड़चढ़ी या बारात, फेरे, बहू-भोज, कौन सा किस दिन
- मेन्यू की बात हलवाई से, ताकि सामान और राशन की लिस्ट बन सके
- जगह की नाप और फोटो टेंट वाले को भेजें; पंडाल, स्टेज और रसोई का नक्शा अभी बन जाए
- कार्ड छपवाना और बांटने की योजना
कितने मेहमानों के लिए कितना सामान लगेगा, इसका मोटा हिसाब कितने मेहमान, कितना सामान में है।
दो-तीन हफ़्ते पहले
- सजावट तय करें: स्टेज, गेट, मंडप, रंग; पसंद हो तो खोरडा आकर सामान और डिज़ाइन अपनी आंखों से देख लें
- रोशनी और जनरेटर: घर, गली और पंडाल की झालर, और जनरेटर पर क्या चलेगा; देखें जनरेटर कितने KVA का चाहिए
- मौसम के हिसाब से: गर्मी हो तो कूलर-पंखे, बारिश का मौसम हो तो वाटरप्रूफ छत, सर्दी हो तो चारों तरफ़ कनात
- रिश्तेदारों के ठहरने की गिनती: कितने गद्दे, रजाई और दरी, और बारात के जनवासे का इंतज़ाम
- राशन और सामान की खरीद शुरू; गैस सिलेंडर घर वालों की तरफ़ से होता है, उसका इंतज़ाम भी अभी कर लें
एक हफ़्ता पहले
- मेहमानों की आख़िरी गिनती टेंट वाले और हलवाई को बता दें; कुर्सियां, दरी और बर्तन उसी से तय होते हैं
- जगह की तैयारी: ज़मीन साफ़-समतल, पशु और ट्रैक्टर-ट्रॉली की जगह, ऊपर के बिजली के तार; पूरी चेकलिस्ट टेंट लगवाने से पहले जगह की तैयारी में
- गली में पंडाल हो तो पड़ोसियों से बात
- हर काम का एक ज़िम्मेदार: टेंट-बिजली, रसोई, मेहमानों का स्वागत, बारात; एक-एक आदमी तय कर दें
टेंट से पहले: हलवाई का सामान
- हलवाई का सामान पहुंचता है: मिठाई एक-दो दिन पहले बनने लगती है, इसलिए भट्टी, बर्तन और रसोई का शामियाना सबसे पहले
- भात या हल्दी-मेहंदी जैसे पहले के फंक्शन हों, तो उनका छोटा इंतज़ाम उसी हिसाब से
एक दिन पहले
- टेंट लगता है: आमतौर पर शादी से एक दिन पहले पंडाल, स्टेज, कनात, दरी-कालीन, फिर सजावट और रोशनी
- घर का एक आदमी मौजूद रहे जो जगह, स्टेज की दिशा और रसोई का कोना बता सके
- शाम को रोशनी चालू करके एक बार देख लें, और जनरेटर भी
शादी वाले दिन
- सुबह एक बार पूरी जगह घूमकर देख लें: रास्ते खुले, तार ढके, भट्टी पंडाल से दूर
- टेंट वाले का नंबर (99918 64283) फ़ोन में सेव रखें; कुछ और चाहिए, जैसे अतिरिक्त कुर्सियां, तो तुरंत फ़ोन करें
- सुरक्षा की बातें टेंट में सुरक्षा गाइड में हैं
शादी के बाद
- बहू-भोज या रिसेप्शन हो तो कई बार वही पंडाल रुका रहता है, बस सजावट बदलती है; यह बुकिंग के समय ही बता दें
- सामान की वापसी: फंक्शन के बाद टेंट वाले सब समेटकर ले जाते हैं; घर का सामान और टेंट का सामान अलग रखवा दें, ताकि मिल न जाए
- काम पसंद आया हो तो Google पर दो लाइन लिख दीजिए, गांव और फंक्शन के नाम के साथ; इससे दूसरे परिवारों को सही टेंट वाला चुनने में मदद मिलती है
तारीख तय हो गई है? 99918 64283 पर कॉल या WhatsApp कीजिए। तारीख, गांव और अंदाज़न मेहमान बताइए, और आपके बजट में क्या-क्या आएगा, यह हम पहले ही लिखकर बता देंगे।
सवाल-जवाब
शादी की तैयारी कब से शुरू करें?Shadi ki taiyari kab se shuru kare?
तारीख पक्की होते ही। सबसे पहले टेंट हाउस, हलवाई और घोड़ी-बग्गी की बुकिंग, क्योंकि सावे की तारीखें सबसे पहले भरती हैं। फिर महीने भर पहले मेहमानों और फंक्शन की लिस्ट, और हफ़्ते भर पहले आख़िरी गिनती।
टेंट कितने दिन पहले बुक करें?Tent kitne din pehle book kare?
कोई तय दिन नहीं, जितनी जल्दी उतना अच्छा। तारीख खाली हो तो कुछ दिन पहले भी इंतज़ाम हो जाता है, पर सावे के दिन पहले भरते हैं। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा में बुकिंग कैंसल करनी पड़े तो एडवांस उसी दिन पूरा वापस मिलता है।
शादी से एक हफ़्ता पहले क्या-क्या करें?Shadi se ek hafta pehle kya kya kare?
मेहमानों की आख़िरी गिनती टेंट वाले और हलवाई को बताएं, जगह साफ़-समतल करवाएं, गली में पंडाल हो तो पड़ोसियों से बात करें, और हर काम के लिए घर का एक ज़िम्मेदार आदमी तय करें।
हलवाई का सामान कब आता है?Halwai ka saman kab aata hai?
टेंट से भी पहले, क्योंकि मिठाई एक-दो दिन पहले बनने लगती है; सही दिन हलवाई के बैठने के समय से तय होता है। टेंट उसके बाद, शादी से एक दिन पहले लगता है।
शादी के बाद टेंट का सामान कब जाता है?Shadi ke baad tent ka saman kab jata hai?
फंक्शन पूरा होने के बाद टेंट वाले सब समेटकर ले जाते हैं। बहू-भोज या रिसेप्शन भी हो, तो बुकिंग पर बता दें; कई बार वही पंडाल रुका रहता है और सिर्फ़ सजावट बदलती है।