स्कूल व सार्वजनिक कार्यक्रम · School Function
स्कूल फंक्शन और जनसभा का इंतज़ाम: बच्चों का सुरक्षित मंच, गानों का साउंड, इनाम की टेबल, VIP मंच और हज़ारों कुर्सियां (School Function Ka Intezaam)

स्कूल का वार्षिक उत्सव, इनाम वितरण, 15 अगस्त और 26 जनवरी के कार्यक्रम, और गांव या कस्बे की जनसभा, इन सबमें एक बात समान है: लोग कुर्सियों पर कतार में बैठकर मंच को देखते हैं, और कार्यक्रम एक तय समय-सारणी पर चलता है। फ़र्क यह है कि स्कूल में मंच पर बच्चे होते हैं और जनसभा में मेहमान और नेता। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा दोनों के लिए पंडाल या जर्मन हैंगर, मंच, साउंड, कुर्सियां और रोशनी लगाता है।
स्कूल फंक्शन
1. बच्चों के लिए सुरक्षित मंच
स्कूल के मंच पर छोटे बच्चे नाचते और नाटक करते हैं, इसलिए:
- मंच ज़्यादा ऊंचा नहीं, ताकि कोई बच्चा गिरे तो चोट न लगे, पर इतना कि पीछे बैठे अभिभावक देख सकें
- मंच पर चढ़ने-उतरने के लिए दोनों तरफ़ चौड़ी, मज़बूत सीढ़ियां, ताकि एक ग्रुप उतरे और दूसरा चढ़े
- मंच के फ़र्श पर कालीन, फिसलन वाला कपड़ा नहीं
- मंच के किनारों पर बिजली के तार नहीं; सारे तार पीछे से
2. बच्चों के तैयार होने की जगह
हर प्रस्तुति के लिए बच्चों के कपड़े बदलते हैं। इसलिए मंच के पीछे कनात से घिरे दो हिस्से, लड़के और लड़कियों के लिए अलग, जहां टीचर बच्चों को तैयार कर सकें, और वहां से सीधे मंच की सीढ़ी तक रास्ता।
3. गानों का साउंड
स्कूल की प्रस्तुतियां ज़्यादातर रिकॉर्ड किए गानों पर होती हैं:
- मिक्सर, जिसमें फ़ोन, लैपटॉप या पेनड्राइव से सीधे गाने चल सकें
- एंकर के लिए माइक, और प्रिंसिपल या मुख्य अतिथि के भाषण के लिए अलग माइक
- गानों की लिस्ट क्रम से एक व्यक्ति के पास, जो मिक्सर पर बैठे हमारे आदमी को बताता रहे
4. अभिभावक और मेहमान
- अभिभावकों के लिए कुर्सियों की कतारें, बीच में रास्ता
- आगे की कतार में मुख्य अतिथि और स्कूल प्रबंधन के लिए सोफे या अच्छी कुर्सियां
- दिन का कार्यक्रम हो तो पूरा पंडाल या शामियाना, ताकि धूप न लगे; गर्मी में कूलर
5. इनाम वितरण और झंडा
- मंच पर एक तरफ़ ढकी हुई टेबल, जिस पर ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र क्रम से रखे जा सकें
- 15 अगस्त या 26 जनवरी पर झंडा अक्सर मैदान में फहराया जाता है; झंडे के सामने बच्चों की कतारों की जगह खुली रखें, और उसके पीछे मेहमानों के लिए शामियाना
जनसभा
6. मेहमानों का मंच
- बड़ा और ऊंचा मंच, जिस पर मुख्य अतिथि और नेताओं के लिए सोफे की कतार
- बोलने वालों के लिए आगे माइक, और मंच के पीछे बड़ा बैकड्रॉप (बैनर आयोजक अपना लगाते हैं)
- मंच पर चढ़ने का रास्ता पीछे से, ताकि भीड़ के बीच से न जाना पड़े
7. हज़ारों कुर्सियां और साफ़ आवाज़
- कुर्सियों की लंबी कतारें, बीच-बीच में रास्ते, ताकि भीड़ आ-जा सके
- बड़ी जनसभा के लिए जर्मन हैंगर या बड़ा पंडाल
- पूरे पंडाल में फैले स्पीकर, ताकि भाषण आख़िरी कतार तक साफ़ पहुंचे
- मीडिया के लिए मंच के सामने एक तरफ़ टेबल और कुर्सियां
- प्रवेश पर स्वागत गेट, और शाम की सभा के लिए फ्लडलाइट और जनरेटर
8. एक दिन में लगना, एक दिन में हटना
जनसभा अक्सर कम समय की सूचना पर तय होती है और उसी शाम मैदान खाली करना होता है। इसलिए तारीख और जगह तय होते ही बताएं; हम एक दिन पहले या सुबह जल्दी पूरा पंडाल खड़ा करते हैं और सभा ख़त्म होते ही समेटना शुरू कर देते हैं। हम हर पार्टी और हर संगठन के लिए एक जैसा काम करते हैं।
स्कूल का बजट हो या संगठन का, जो तय हो उसमें मंच, साउंड और कुर्सियों का बंटवारा बुकिंग पर पहले ही कर देते हैं; खोरडा से 25 किमी तक सामान लाना-ले जाना मुफ़्त। 99918 64283।
सवाल-जवाब
स्कूल फंक्शन के लिए मंच कैसा होना चाहिए?School function ke liye manch kaisa hona chahiye?
बच्चों की सुरक्षा पहले: मंच ज़्यादा ऊंचा नहीं, दोनों तरफ़ चौड़ी मज़बूत सीढ़ियां, फ़र्श पर कालीन, और किनारों पर कोई तार नहीं। पीछे कनात से घिरी तैयार होने की जगह, लड़के-लड़कियों के लिए अलग।
स्कूल फंक्शन में पेनड्राइव या फ़ोन से गाने चल जाएंगे?School function me pendrive ya phone se gaane chal jayenge?
हां, हमारे मिक्सर में फ़ोन, लैपटॉप या पेनड्राइव से सीधे गाने चलते हैं। प्रस्तुतियों के क्रम में गानों की लिस्ट एक व्यक्ति को दे दें, जो मिक्सर पर बैठे हमारे आदमी को बताता रहे।
इनाम वितरण के लिए क्या इंतज़ाम चाहिए?Inaam vitran ke liye kya intezaam chahiye?
मंच पर एक तरफ़ ढकी टेबल, जिस पर ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र क्रम से रखे जाएं, नाम पुकारने के लिए एंकर का माइक, और आगे मेहमानों की कुर्सियां। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा यह सब कार्यक्रम से पहले लगा देता है।
जनसभा के लिए कितनी कुर्सियां और कैसा पंडाल?Jansabha ke liye kitni kursiyan aur kaisa pandal?
जितने लोग बैठने हैं, उतनी कुर्सियां कतारों में, बीच में रास्ते के साथ; बड़ी सभा के लिए जर्मन हैंगर या बड़ा पंडाल, जिसमें स्पीकर पूरे पंडाल में फैले हों। अनुमानित भीड़ बताइए, हम कुर्सियों और पंडाल का हिसाब बता देंगे।
जनसभा कम समय में तय हुई है, इंतज़ाम हो जाएगा?Jansabha kam samay me tay hui hai, intezaam ho jayega?
तारीख और जगह तय होते ही 99918 64283 पर बताएं। सामान खाली हो तो एक दिन पहले या सभा वाले दिन सुबह जल्दी पंडाल, मंच और साउंड लगा देते हैं, और सभा के बाद उसी दिन समेट लेते हैं।