पारिवारिक कार्यक्रम · Dasothan
दसोठन और कुआं पूजन का इंतज़ाम: जच्चा-बच्चा का आराम, कुएं तक का रास्ता, गीत, छूछक और भोज (Dasothan Ki Taiyari)

बच्चे के जन्म की खुशी में घर पर होने वाला दसोठन (dasuthan) और उसके साथ कुआं पूजन, गांव में परिवार के सबसे बड़े उत्सवों में गिने जाते हैं। Dasothan ki taiyari में एक बात सबसे अलग है: इस दिन घर में कुछ ही दिन की जच्चा (नई मां) और नवजात बच्चा होते हैं। इसलिए भीड़, गीत और भोज के बीच उनके आराम और शांति का ध्यान रखना पहली ज़रूरत है। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा दसोठन और कुआं पूजन का सामान घर लाकर लगाता है, और कार्यक्रम के बाद वापस ले जाता है।
1. जच्चा-बच्चा का शांत कोना
दसोठन वाले दिन सैकड़ों लोग आ सकते हैं, पर नई मां और बच्चे को आराम चाहिए। इसलिए हम:
- टेंट को घर के उस कमरे से थोड़ा हटकर लगाते हैं जहां जच्चा-बच्चा रहते हैं, ताकि शोर सीधा अंदर न जाए
- जच्चा के बैठने के लिए गद्दे वाली अलग बैठक, कनात के पर्दे से थोड़ी ओट के साथ, ताकि वह रस्मों में बैठ भी सके और ज़रूरत हो तो आराम भी कर सके
- बच्चे को लेकर आने-जाने के रास्ते पर दरी, और वहां बिजली के तार नहीं
2. कुआं पूजन: घर से कुएं तक
कुआं पूजन में जच्चा, घर की औरतों के साथ गीत गाते हुए कुएं, हैंडपंप या पानी के स्रोत तक जाकर पूजा करती है। यह हिस्सा अक्सर भूल जाते हैं, जबकि इसकी भी तैयारी चाहिए:
- रास्ता कच्चा या गीला हो तो रास्ते पर दरी
- पूजा शाम को हो तो रास्ते पर और कुएं के पास रोशनी (झालर या फोकस लाइट), और ज़रूरत हो तो जनरेटर
- पूजा की जगह पर औरतों के खड़े होने या बैठने के लिए छोटी दरी और छांव के लिए छोटा शामियाना, अगर जगह खुली धूप में है
कुआं घर से दूर हो तो पहले से बता दें, ताकि हम रास्ते की लंबाई देखकर रोशनी का सामान साथ लाएं।
3. गीत: माइक और बैठक
दसोठन और कुआं पूजन के गीत औरतें मिलकर गाती हैं। इसके लिए:
- आंगन में औरतों के लिए दरी और गद्दे का बड़ा घेरा
- आवाज़ पीछे तक पहुंचे, इसलिए माइक (मांग पर)
- शाम को नाच-गाना और DJ रखना हो तो स्पीकर जच्चा-बच्चा वाले कमरे की उल्टी दिशा में लगाते हैं, और आवाज़ उतनी ही रखते हैं जितनी आप कहें
4. छूछक और बधाई का सामान
कई परिवारों में इसी समय जच्चा के मायके से छूछक आता है: बच्चे और मां के कपड़े, गहने, खिलौने और दूसरा सामान। रिश्तेदार भी बधाई का सामान लाते हैं। इसके लिए:
- सामान रखने और दिखाने के लिए ढकी हुई टेबल, सबकी नज़र के सामने
- मायके वालों के लिए आगे की तरफ़ कुर्सियां
- उनके आने पर स्वागत के लिए घर के बाहर पर्दों या फूलों से सजा छोटा गेट
5. दसोठन का भोज
दसोठन का भोज कई बार पूरे कुनबे या गांव के लिए होता है। इसके लिए हमारा हलवाई आपके घर पर भट्टी लगाता है, और हम लाते हैं:
- बड़े बर्तन, क्रॉकरी और परोसने के काउंटर
- पंगत के लिए दरी या कुर्सी-टेबल, जैसा आप चाहें
- खाने की जगह गीतों वाली जगह से अलग, ताकि दोनों साथ चल सकें
भोज कितने लोगों का होगा, यह अंदाज़ा पहले बता दें; इसी से टेंट का साइज़ और हलवाई का सामान तय होता है।
6. मौसम: सर्दी हो या गर्मी
नवजात के लिए मौसम का ध्यान सबसे ज़रूरी है:
- सर्दी में: कनात से चारों तरफ़ बंद पंडाल, ज़मीन पर मोटी दरी-कालीन, और रुकने वाले रिश्तेदारों के लिए गद्दे-रजाई। (हीटर या अंगीठी हम नहीं देते; अपना हीटर लगाएं तो टेंट के कपड़े और बच्चे से दूर रखें।)
- गर्मी में: खुला शामियाना और कूलर, पर जच्चा-बच्चा की तरफ़ सीधी तेज़ हवा नहीं।
तारीख तय होते ही 99918 64283 पर बताइए। जच्चा-बच्चा वाले घर तक सामान पहुंचाने का कोई अलग पैसा नहीं (25 किमी तक), और बजट आप बताइए: दसोठन में उतने ही पैसों में क्या-क्या आएगा, बुकिंग पर लिखकर तय कर देते हैं।
सवाल-जवाब
दसोठन के दिन जच्चा-बच्चा के लिए क्या इंतज़ाम रखें?Dasothan ke din jachcha-bachcha ke liye kya intezaam rakhe?
टेंट उनके कमरे से थोड़ा हटकर लगवाएं, जच्चा के लिए कनात की ओट में गद्दे वाली अलग बैठक रखें, बच्चे के आने-जाने के रास्ते पर दरी बिछवाएं और वहां से बिजली के तार दूर रखें। DJ हो तो स्पीकर उनके कमरे की उल्टी दिशा में लगें।
कुआं पूजन के लिए क्या-क्या इंतज़ाम चाहिए?Kua pujan ke liye kya kya intezaam chahiye?
घर से कुएं या पानी के स्रोत तक के रास्ते पर दरी, शाम को पूजा हो तो रास्ते और कुएं पर रोशनी, और पूजा की जगह पर औरतों के लिए दरी व धूप हो तो छोटा शामियाना। कुआं दूर हो तो पहले बता दें, ताकि रोशनी का पूरा सामान साथ आए।
दसोठन पर DJ लगाएं तो नवजात का ध्यान कैसे रखें?Dasothan par DJ lagaye to navjaat ka dhyan kaise rakhe?
स्पीकर जच्चा-बच्चा वाले कमरे से दूर और उसकी उल्टी दिशा में लगाते हैं, और आवाज़ उतनी ही रखते हैं जितनी परिवार कहे। गीतों के लिए अक्सर सिर्फ़ माइक काफ़ी रहता है; DJ बाद में शाम को रखा जा सकता है।
सर्दी में दसोठन हो तो ठंड से कैसे बचाएं?Sardi me dasothan ho to thand se kaise bachaye?
कनात से चारों तरफ़ बंद पंडाल, ज़मीन पर मोटी दरी और कालीन, और रुकने वाले रिश्तेदारों के लिए गद्दे-रजाई। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा हीटर या अंगीठी नहीं देता; अपना हीटर लगाएं तो उसे टेंट के कपड़े और बच्चे से दूर रखें।
छूछक का सामान रखने के लिए क्या इंतज़ाम करें?Chhuchhak ka saman rakhne ke liye kya intezaam kare?
सामान दिखाने के लिए सबके सामने एक ढकी हुई टेबल, मायके वालों के लिए आगे कुर्सियां, और उनके स्वागत के लिए घर के बाहर सजा छोटा गेट। यह सब हम टेंट के साथ ही लगा देते हैं।