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शादी के फंक्शन · Baraat

लड़की की शादी में बारात की मेज़बानी: स्वागत और मिलनी, बारात का खाना, फेरों का मंडप, जनवासा और सुबह की विदाई (Baraat Ka Swagat Aur Janwasa)

बारात का स्वागत, मिलनी और जनवासा: लड़की की शादी

लड़की की शादी में सबसे बड़ी रात वह है जब बारात आपके दरवाज़े पर आती है। इस रात आप मेज़बान होते हैं: बारात का स्वागत, मिलनी, खाना, वरमाला, देर रात फेरे, बारात का रुकना और सुबह विदाई, सब एक के बाद एक। गांव में बेटी वालों की इज़्ज़त इसी पर मानी जाती है कि बारात की मेज़बानी कैसी हुई। Baraat ka swagat aur janwasa का इंतज़ाम इसलिए समय और जगह के हिसाब से पहले से तय करना पड़ता है। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा बेटी की शादी का पूरा पंडाल, मंडप और जनवासा एक साथ लगाता है।

1. बारात आने से पहले: रात का पूरा क्रम तय करें

बारात वालों से पहले ही पूछ लें कि बारात लगभग कितने बजे और कितने लोगों की आएगी। उसी से तय होता है:

यह गिनती हमें बुकिंग के समय बता दें, बाकी सामान का हिसाब उसी से बनता है।

2. दरवाज़े पर स्वागत और मिलनी

बारात जहां पहुंचती है, वही जगह पूरी रात की पहली तस्वीर होती है:

3. बारात का खाना: इज़्ज़त का सवाल

बारात का खाना वह काम है जिसमें ज़रा सी कमी भी याद रह जाती है:

वरमाला का स्टेज इसी रात का हिस्सा है; उसकी सजावट के आइडिया हमारे शादी का स्टेज कैसे सजाएं गाइड में हैं।

4. फेरों का मंडप: देर रात की रस्म

फेरे अक्सर आधी रात के बाद होते हैं, जब ज़्यादातर मेहमान जा चुके होते हैं और ठंड या ओस बढ़ जाती है:

5. जनवासा: बारात के रुकने की जगह

जो बाराती रात को रुकते हैं, उनके लिए जनवासा अक्सर किसी पड़ोसी के घर, चौपाल, स्कूल या अलग टेंट में होता है:

6. सुबह: चाय-नाश्ता और विदाई

फेरों के बाद सुबह बारात के लिए चाय-नाश्ता और फिर विदाई होती है:

बेटी की शादी में घर वालों को सिर्फ़ रस्में और मेहमान संभालने चाहिए, बाकी भार हम पर छोड़िए। बारात की गिनती और आपका बजट बताइए, उसी में स्वागत से विदाई तक का पूरा इंतज़ाम तय कर देंगे; खोरडा से 25 किमी के अंदर किसी भी गांव में सामान लाने-ले जाने का खर्च नहीं। 99918 64283।

सवाल-जवाब

बारात के स्वागत के लिए क्या-क्या चाहिए? ¦ Baraat ke swagat ke liye kya kya chahiye?

चार चीज़ें: बारात के पहुंचने की जगह पर सजा गेट, उससे घर तक रोशन रास्ता, दोनों परिवारों के गले मिलने के लिए खुली जगह, और स्वागत के बाद बारात के बैठने का अलग इंतज़ाम। बारात का समय और गिनती पहले पता हो तो सब समय पर तैयार रहता है।

मिलनी की जगह कैसी होनी चाहिए? ¦ Milni ki jagah kaisi honi chahiye?

मिलनी में दोनों परिवारों के लोग एक-एक करके मिलते हैं, इसलिए जगह चौड़ी और समतल चाहिए, जिसमें दो कतारें आमने-सामने बन सकें। रात की मिलनी की फोटो तभी अच्छी आती है जब ऊपर अच्छी रोशनी हो।

जनवासे के लिए क्या सामान मिलता है? ¦ Janwasa ke liye kya saman milta hai?

हर रुकने वाले के लिए गद्दे और रजाई, नीचे बिछाने को दरी, और जनवासा अलग टेंट में हो तो कनात, वाटरप्रूफ छत और रोशनी; गर्मी में पंखे या कूलर। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा जनवासे का पूरा सामान देता है।

फेरे देर रात हों तो मंडप में क्या ध्यान रखें? ¦ Phere der raat ho to mandap me kya dhyan rakhe?

सबसे ज़रूरी है आग से सुरक्षा और रोशनी: हवन कुंड की जगह पंडित जी से पहले तय करें, ताकि सजावट उससे दूर रहे, और बिजली जाने पर भी मुहूर्त न रुके। देर रात ठंड बढ़ती है, इसलिए परिवार के बैठने की जगह को हवा से बचाकर रखें।

बारात के लिए पंडाल कितना बड़ा चाहिए? ¦ Baraat ke liye pandal kitna bada chahiye?

इतना कि बाराती और घराती एक साथ बैठकर खा सकें। बारात और घर के मेहमानों की कुल गिनती बताइए, हम उसी से पंडाल का साइज़ बता देंगे; हमारा सबसे बड़ा पंडाल लगभग 1000 लोगों के बैठने का है।

आज ही तारीख बुक करें

शादी के सीज़न में तारीखें जल्दी भरती हैं। कॉल या करें, रेट और उपलब्धता तुरंत बताएंगे।

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पहला नंबर व्यस्त हो तो दूसरा मिलाइए। 24 घंटे चालू।

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