घर पर शादी · Phool
शादी में ताज़े फूल या आर्टिफिशियल फूल: खुशबू, रंग, खर्च, मौसम और रस्म के हिसाब से कहां कौन से फूल लगाएं (Taze Ya Artificial Phool)

फूलों की सजावट की बात आते ही पहला सवाल यही होता है: ताज़े फूल लगवाएं या आर्टिफिशियल? ताज़े फूलों की खुशबू और असली रंग का मुकाबला नहीं, पर आर्टिफिशियल फूल उतने ही बजट में कहीं ज़्यादा सजावट कर देते हैं और कई दिन तक वैसे ही रहते हैं। ज़्यादातर परिवार आख़िर में दोनों मिलाकर लेते हैं। सवाल बस इतना है कि कहां कौन सा। यह गाइड उसी फ़ैसले के लिए है। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा दोनों तरह की फूलों की सजावट करता है।
1. दोनों की सीधी तुलना
| बात | ताज़े फूल | आर्टिफिशियल फूल |
|---|---|---|
| खुशबू | असली खुशबू | खुशबू नहीं |
| रंग और फोटो | प्राकृतिक, नज़दीक से सुंदर | चमकीले, दूर से भरे-भरे |
| खर्च | ज़्यादा; सावे पर भाव और बढ़ता है | उतने ही पैसों में ज़्यादा जगह सजती है |
| कितनी देर | उसी दिन लगते हैं, गर्मी में जल्दी मुरझाते हैं | कई दिन वैसे ही रहते हैं |
| कई दिन का फंक्शन | रोज़ बदलने पड़ते हैं | एक बार लगे, पूरे फंक्शन चलते हैं |
| पूजा और रस्म | वरमाला और पूजा के लिए ज़रूरी | रस्म के लिए नहीं, सिर्फ़ सजावट |
2. कहां कौन से फूल
सबसे समझदारी का तरीका यह है कि जहां लोग पास से देखते, छूते या पूजा करते हैं वहां ताज़े, और जहां दूर से बड़ी सजावट दिखनी है वहां आर्टिफिशियल:
- वरमाला: हमेशा ताज़े फूल, क्योंकि यह रस्म है और गले में पहनी जाती है
- मंडप और हवन के पास: ताज़े फूल और गेंदे की लड़ियां; फेरे पास से होते हैं और फोटो भी नज़दीक से आती है
- दूल्हा-दुल्हन के स्टेज का सामने वाला हिस्सा: ताज़े फूल, ताकि नज़दीक की फोटो में असली लगें
- स्टेज का बड़ा बैकड्रॉप: आर्टिफिशियल फूल और पर्दे, बड़ी दीवार कम खर्च में भरी दिखती है
- स्वागत गेट और रास्ता: आर्टिफिशियल या गेंदे की लड़ियां; गेट पर आम के पत्तों का बंदनवार भी अच्छा लगता है
- पंडाल की छत और खंभे: आर्टिफिशियल लड़ियां, पर्दे और झालर
- दूल्हे की गाड़ी: ताज़े फूल सबसे अच्छे दिखते हैं, क्योंकि गाड़ी उसी दिन सजती है
- जागरण या माता की चौकी का दरबार: माता के आसपास ताज़े फूल और मालाएं, बाकी दरबार की सजावट आर्टिफिशियल और लाइट से
3. कौन से ताज़े फूल किस काम के
- गेंदा: सबसे ज़्यादा इस्तेमाल; लड़ियां, तोरण और मंडप के लिए; लंबे समय तक टिकता है
- गुलाब: वरमाला, स्टेज के सामने और गाड़ी के लिए; रंग और खुशबू दोनों
- रजनीगंधा: खुशबू के लिए, मंडप और वरमाला में
- आम के पत्ते: बंदनवार और कलश के लिए, शुभ माने जाते हैं
4. मौसम का असर
- गर्मी (अप्रैल-जून): ताज़े फूल तेज़ धूप और गर्मी में जल्दी मुरझाते हैं; दिन के फंक्शन में ताज़े फूल छाया वाले हिस्से में ही लगाएं, और बड़ी सजावट आर्टिफिशियल से
- सर्दी: ताज़े फूल ज़्यादा देर टिकते हैं, इसलिए ताज़े फूलों के लिए अच्छा मौसम
- सावे के दिन: एक ही दिन बहुत शादियां हों तो ताज़े फूलों का भाव बढ़ जाता है; ऐसे में ताज़े फूल सिर्फ़ ज़रूरी जगहों पर रखें
5. कई दिन का फंक्शन
कथा, लगातार कई दिन चलने वाली रस्में, या दो दिन खड़ा रहने वाला मंडप हो, तो आर्टिफिशियल फूल बेहतर रहते हैं; ताज़े फूल रोज़ बदलने पड़ते हैं। बीच का रास्ता: पूरी सजावट आर्टिफिशियल, और रोज़ की पूजा के लिए थोड़े ताज़े फूल और मालाएं।
6. बजट कैसे बांटें
- पहले तय करें कि ताज़े फूल कहां ज़रूरी हैं: वरमाला, मंडप, स्टेज का सामने वाला हिस्सा
- बाकी जगह आर्टिफिशियल फूल, पर्दे और रोशनी से रौनक
- रोशनी फूलों की सजावट को दोगुना सुंदर बना देती है; शाम के फंक्शन में फोकस लाइट फूलों पर पड़े तो फोटो सबसे अच्छी आती है
कम बजट में सजावट के और तरीके कम बजट में अच्छी शादी में, और स्टेज की सजावट शादी का स्टेज कैसे सजाएं में।
फूलों की सजावट के डिज़ाइन और सामान खोरडा आकर अपनी आंखों से देख सकते हैं। अपना बजट 99918 64283 पर बताइए; कहां ताज़े और कहां आर्टिफिशियल फूल ठीक रहेंगे, यह हम बता देंगे, और काम आपके बजट में तसल्लीबख़्श होगा।
सवाल-जवाब
शादी में ताज़े फूल अच्छे हैं या आर्टिफिशियल?Shadi me taze phool acche hain ya artificial?
दोनों का अपना काम है। वरमाला, मंडप और स्टेज के सामने ताज़े फूल, और बड़े बैकड्रॉप, गेट और छत पर आर्टिफिशियल। ज़्यादातर परिवार दोनों मिलाकर लेते हैं, इससे खुशबू भी रहती है और खर्च भी काबू में।
वरमाला आर्टिफिशियल फूलों की बन सकती है?Varmala artificial phoolon ki ban sakti hai?
वरमाला रस्म का हिस्सा है, इसलिए ताज़े फूलों की ही बनवाएं। आर्टिफिशियल फूल सिर्फ़ सजावट के लिए ठीक रहते हैं।
गर्मी में ताज़े फूल कितनी देर टिकते हैं?Garmi me taze phool kitni der tikte hain?
तेज़ धूप और गर्मी में ताज़े फूल जल्दी मुरझाने लगते हैं। गर्मी के दिन के फंक्शन में ताज़े फूल छाया में और ज़रूरी जगहों पर ही लगाएं, बाकी सजावट आर्टिफिशियल से करें।
मंडप में कौन से फूल लगते हैं?Mandap me kaun se phool lagte hain?
आमतौर पर गेंदे की लड़ियां, गुलाब और रजनीगंधा, साथ में आम के पत्ते। फेरे पास से होते हैं, इसलिए मंडप में ताज़े फूल सबसे अच्छे लगते हैं।
कई दिन के फंक्शन में कौन से फूल लगाएं?Kai din ke function me kaun se phool lagaye?
आर्टिफिशियल, क्योंकि वे पूरे फंक्शन वैसे ही रहते हैं। रोज़ की पूजा के लिए थोड़े ताज़े फूल और मालाएं अलग से रखें। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा दोनों का इंतज़ाम कर देता है।