घर पर शादी · Pani
फंक्शन में पानी का इंतज़ाम: पीने का पानी, हलवाई की रसोई, बर्तन धोना, हाथ धोने की जगह और कीचड़ से बचाव, टंकी, ड्रम, टब और पानी का काउंटर (Function Me Pani Ka Intezaam)

शादी की तैयारी में टेंट, खाना और सजावट की बात सब करते हैं, पर पानी की बात अक्सर आख़िरी दिन याद आती है। जबकि फंक्शन में पानी चार जगह लगातार चाहिए: पीने के लिए, हलवाई की रसोई में, बर्तन धोने में और हाथ धोने में। इनमें से एक भी जगह कमी हो तो सबसे पहले मेहमान महसूस करते हैं। ऊपर से गलत जगह बहता पानी पंडाल में कीचड़ कर देता है। यह गाइड बताती है कि पानी का इंतज़ाम कैसे बांटें। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा स्टील टंकी, ड्रम, टब, बाल्टी, जग, गिलास और पानी का काउंटर, ये सब टेंट के साथ देता है।
1. सबसे पहले: पानी आएगा कहां से
फंक्शन से पहले यह साफ़ कर लें कि पानी का स्रोत क्या है: घर का नल, ट्यूबवेल-मोटर, या टैंकर।
- मोटर से पानी आता है तो बिजली जाने पर भी चले, इसलिए मोटर को जनरेटर के हिसाब में जोड़ें; देखें जनरेटर कितने KVA का चाहिए
- टैंकर मंगवाना हो तो उसका समय पहले तय करें, ताकि हलवाई के बैठने से पहले टंकियां भर जाएं
- पीने का पानी और बाकी काम का पानी अलग रखें
2. पीने का पानी
- पानी का काउंटर खाने के काउंटर से थोड़ा हटकर, ताकि भीड़ एक जगह न अटके
- पीने का पानी हमेशा ढके हुए बर्तन में; जग से गिलास में डालें, गिलास सीधा टंकी या ड्रम में न डुबोएं
- बड़े पंडाल में एक से ज़्यादा जगह पानी: खाने के पास, स्टेज के पास, और बुज़ुर्गों की बैठक के पास
- पंगत में हर कतार के लिए जग-गिलास, या पानी परोसने वाले; देखें बुफे या पंगत
- गर्मी में पानी की खपत बहुत बढ़ती है, इसलिए पीने का पानी आम दिनों से कहीं ज़्यादा रखें और काउंटर छांव में
3. हलवाई की रसोई का पानी
हलवाई सबसे पहले बैठता है, और उसका काम पानी के बिना एक घंटा भी नहीं चलता:
- रसोई के पास स्टील टंकी और ड्रम भरकर, ताकि बार-बार दूर से पानी न ढोना पड़े
- सब्ज़ी धोने और आटा गूंथने के लिए टब और बाल्टियां
- रसोई की टंकी पीने के पानी से अलग
- हलवाई के पूरे सामान की बात हलवाई और कैटरिंग पेज पर है
4. बर्तन धोने की जगह
- पंडाल और खाने की जगह से पीछे की तरफ़, नज़रों से दूर
- बड़े टब, पानी के ड्रम, और जूठन के लिए अलग डस्टबिन
- ज़मीन ऐसी जगह चुनें जहां से पानी बाहर की तरफ़ बह जाए, पंडाल की तरफ़ नहीं; ज़रूरत हो तो छोटी नाली बना लें
- रात का फंक्शन हो तो यहां भी रोशनी
5. हाथ धोने की जगह
- खाने से पहले और बाद के लिए हाथ धोने का कोना: पानी भरी बाल्टी या ड्रम और मग, साबुन और तौलिया
- पंगत हो तो निकलने के रास्ते पर, बुफे हो तो काउंटर के पास पर भीड़ से हटकर
- नीचे का पानी कहां जाएगा, यह पहले देख लें; हाथ धोने की जगह पर सबसे जल्दी कीचड़ होता है
6. कीचड़ और बिजली से बचाव
- पानी वाली हर जगह (रसोई, बर्तन, हाथ धोना) पंडाल की ढलान से नीचे की तरफ़ हो
- गीली जगह के रास्ते पर दरी या मैट, ताकि बुज़ुर्ग फिसलें नहीं
- पानी के काउंटर, कूलर और बर्तन धोने की जगह से बिजली के तार दूर रहें, गीले हाथ से स्विच न छुएं; बाकी बातें टेंट में सुरक्षा में
- पंडाल की जगह की पूरी तैयारी के लिए देखें टेंट लगवाने से पहले जगह की तैयारी
7. फंक्शन के हिसाब से
- शादी: चारों काम सबसे बड़े पैमाने पर, और बारात के पहुंचते ही पानी का काउंटर तैयार
- भंडारा: बारी-बारी पंगत, इसलिए पानी परोसने वालों की टोली और भरे हुए ड्रम
- जागरण: रात भर के लिए पानी, और चाय के लिए थर्मस
- काज और तेरहवीं: पानी और हाथ धोने का सादा पर पूरा इंतज़ाम; देखें काज का इंतज़ाम
अपने फंक्शन और मेहमानों की गिनती 99918 64283 पर बताइए; टंकी, ड्रम, टब, जग-गिलास और पानी का काउंटर, जितना चाहिए उतना टेंट के साथ आ जाएगा।
सवाल-जवाब
शादी में पानी का इंतज़ाम कैसे करें?Shadi me pani ka intezaam kaise kare?
चार हिस्सों में बांटें: पीने का पानी (पानी का काउंटर), हलवाई की रसोई (टंकी और ड्रम), बर्तन धोने की जगह (टब और ड्रम) और हाथ धोने का कोना। पानी का स्रोत पहले तय करें, और पीने का पानी बाकी से अलग रखें।
पानी के ड्रम और टंकी किराये पर मिलते हैं?Pani ke drum aur tanki kiraye par milte hain?
हां। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा स्टील टंकी, ड्रम, टब, बाल्टी, जग, गिलास और पानी का काउंटर टेंट के साथ देता है।
पानी का काउंटर कहां लगाएं?Pani ka counter kahan lagaye?
खाने के काउंटर से थोड़ा हटकर, छांव में, ताकि भीड़ एक जगह न अटके। बड़े पंडाल में स्टेज और बुज़ुर्गों की बैठक के पास भी पानी रखें।
बर्तन धोने की जगह कहां रखें?Bartan dhone ki jagah kahan rakhe?
पंडाल और खाने की जगह से पीछे, जहां से पानी बाहर की तरफ़ बह जाए, पंडाल की तरफ़ नहीं। वहां टब, ड्रम, डस्टबिन और रात में रोशनी रखें।
पंडाल में कीचड़ से कैसे बचें?Pandal me keechad se kaise bache?
पानी वाली सारी जगहें पंडाल की ढलान से नीचे की तरफ़ रखें, गीले रास्तों पर दरी या मैट बिछाएं, और बिजली के तार पानी से दूर रखें।