शादी के फंक्शन · Bhaat
भात का इंतज़ाम कैसे करें: भातियों का स्वागत, बैठक, पहरावनी और खाना (Bhaat Ki Taiyari)

भात शादी से पहले का वह दिन है जब मां के मायके वाले, यानी मामा पक्ष, भात भरने आते हैं। Bhaat ki taiyari में सबसे ज़रूरी तीन बातें हैं: भातियों के आते ही स्वागत की जगह, पहरावनी (कपड़े पहनाने की रस्म) के लिए सजी चौकी, और सबके लिए बैठक और खाना। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा इन तीनों का सामान आपके घर लाकर लगाता है और रस्म के बाद वापस ले जाता है।
नीचे टेंट वाले की नज़र से बताया है कि भात वाले दिन घर पर क्या-क्या चाहिए और किस क्रम में।
भात न्योतने से भात भरने तक: टेंट वाले को कब बताएं?
जिस दिन मां भात न्योतने अपने मायके जाती है, उसी हफ़्ते हमें भात की तारीख बता दें। इससे दो फ़ायदे होते हैं:
- अगर भात शादी से एक-दो दिन पहले है, तो शादी का टेंट उसी हिसाब से पहले लगाया जा सकता है, और एक बार लगा सामान भात और शादी, दोनों में काम आता है
- भातियों की गिनती पता हो तो बैठक और खाने का सही अंदाज़ा पहले से लग जाता है
1. भातियों का स्वागत: गेट और तिलक की जगह
भाती अक्सर गाड़ियों में एक साथ पहुंचते हैं और गली से ही गीत शुरू हो जाते हैं। इसलिए घर के बाहर:
- फूलों या पर्दों से सजा छोटा गेट, जहां बहन (दूल्हे या दुल्हन की मां) भाइयों का तिलक करती है
- तिलक की थाली रखने के लिए एक छोटी टेबल
- गली में पानी या कीचड़ हो तो रास्ते पर दरी, ताकि बुज़ुर्ग आराम से अंदर आ सकें
2. पहरावनी की चौकी: भात की सबसे खास रस्म
भात की असली रस्म तब होती है जब मामा अपनी बहन और भांजे या भांजी को कपड़े पहनाते हैं। सारी फोटो इसी जगह की होती हैं, इसलिए यहां हम लगाते हैं:
- बैठने के लिए सजी हुई चौकी या सोफा
- पीछे बैकड्रॉप: पर्दे और फूलों की सजावट, ताकि फोटो अच्छी आएं
- चौकी के पास भात का सामान (कपड़े, बर्तन, गहनों के डिब्बे) रखने के लिए ढकी हुई टेबल, ताकि सामान सबको दिखे और सुरक्षित भी रहे
3. बैठक: भाती, घर वाले और गांव की औरतें
भात में तीन तरह के मेहमान होते हैं, और तीनों की बैठक अलग रखना अच्छा रहता है:
| कौन | क्या लगाते हैं |
|---|---|
| भाती (मामा पक्ष) | शामियाने के नीचे कुर्सियां, आगे की तरफ़ |
| गीत गाने वाली औरतें | पहरावनी की चौकी के पास दरी और गद्दे |
| घर और गांव के लोग | पीछे की तरफ़ कुर्सियां या दरी |
दिन का भात हो तो खुला शामियाना काफ़ी है; शाम का हो या मौसम का भरोसा न हो, तो कनात वाला पंडाल। गर्मी में शामियाने के नीचे कूलर भी लगाते हैं।
4. भात के गीत: माइक और साउंड
भात के गीत इस रस्म की जान हैं। औरतें गीत गाएं तो पीछे बैठे लोगों तक आवाज़ पहुंचे, इसके लिए हम माइक और स्पीकर लगा देते हैं (मांग पर)। शाम को DJ रखना हो तो वह भी उसी बुकिंग में हो जाता है।
5. भातियों का खाना
भातियों को खाना खिलाए बिना भात पूरा नहीं होता। इसके लिए हमारा हलवाई आपके घर पर ही भट्टी लगाता है, और हम लाते हैं:
- बड़े बर्तन और क्रॉकरी, भातियों के लिए अलग टेबल पर परोसने का इंतज़ाम
- पंगत में खिलाना हो तो दरी और थाली-कटोरी की व्यवस्था
- पानी का काउंटर
मेन्यू आप तय करते हैं; हलवाई ज़रूरत हो तो सुझाव दे देते हैं। खाने के साथ पूरे भोज का अंदाज़ा लगाने में हमारी भंडारा गाइड भी काम आएगी।
6. भात के बाद
भात के बाद ज़्यादातर घरों में अगले दिन हल्दी-मेहंदी या घुड़चढ़ी होती है। अगर वही सामान आगे की रस्मों में काम आना है, तो हम उसे वहीं छोड़कर सिर्फ़ सजावट बदल देते हैं; नहीं तो रस्म के बाद सब समेटकर ले जाते हैं। खोरडा से 25 किमी तक ढुलाई फ्री है, और आप जितना कहेंगे, उतने ही पैसों में भात का पूरा इंतज़ाम तय कर देते हैं।
सवाल-जवाब
भात में टेंट वाले से क्या-क्या चाहिए?Bhaat me tent wale se kya kya chahiye?
भात के लिए आम तौर पर ये चाहिए: घर के बाहर स्वागत का छोटा गेट, शामियाना या पंडाल, भातियों के लिए कुर्सियां, औरतों के लिए दरी-गद्दे, पहरावनी के लिए सजी चौकी और बैकड्रॉप, गीतों के लिए माइक, और खाने के लिए हलवाई व क्रॉकरी। भारत टेंट एंड लाइट हाउस, खोरडा यह सब एक साथ लाकर लगाता है।
भात के लिए शामियाना लें या पंडाल?Bhaat ke liye shamiyana le ya pandal?
दिन में भात हो और मौसम साफ़ हो तो खुला शामियाना काफ़ी है, हवा भी आती रहती है। शाम का भात हो, ठंड हो या बारिश का अंदेशा हो, तो कनात से बंद पंडाल लें। मेहमानों की गिनती बताइए, हम साइज़ बता देंगे।
क्या भात और शादी का टेंट एक ही बार में लग सकता है?Kya bhaat aur shadi ka tent ek hi baar me lag sakta hai?
हां, जब दोनों के बीच एक-दो दिन का ही फ़र्क हो। पंडाल एक ही रहता है: भात वाले दिन उसमें पहरावनी की चौकी और बैकड्रॉप सजाते हैं, और शादी से पहले वहीं स्टेज और मंडप की सजावट कर देते हैं। टेंट दोबारा खोलना-लगाना नहीं पड़ता। बुकिंग पर दोनों तारीखें बता दें।
भात के गीतों के लिए माइक मिलेगा?Bhaat ke geeton ke liye mic milega?
हां, मांग पर माइक और स्पीकर लगा देते हैं, ताकि गीत पीछे बैठे लोगों तक भी साफ़ सुनाई दें। शाम को DJ चाहिए तो वह भी उसी बुकिंग में हो जाता है।
भातियों के खाने के लिए हलवाई मिलेगा?Bhatiyon ke khane ke liye halwai milega?
हां। हमारा हलवाई आपके घर पर भट्टी लगाकर खाना बनाता है, और बड़े बर्तन, क्रॉकरी और परोसने की टेबल हम लाते हैं। भातियों की अनुमानित गिनती और मेन्यू 99918 64283 पर WhatsApp करें, पूरा अनुमान भेज देंगे।